समीक्षा (संगम सवेरा जनवरी 2020 अंक)- अर्चना पांडेय

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 संगम सवेरा पत्रिका
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संगम सवेरा-समीक्षा (18-01-2020)
हार्दिक शुभकामनाएँ🌷🌻🌹
श्रेष्ठ रचनाकार- आ0 अर्चना पांडेय जी
समीक्षा --- संगम सवेरा
जनवरी अंक 2020
1-क्षम्य निवेदन --- सर्वप्रथम मै अर्चना की रचना संगम सवेरा के प्रधान संपादक  चाचा नवल किशोर सिंह जी के सिंधु हृदय को निष्ठापूर्वक नम आंखो से नमन करती हूं   इनके पावन कर कमलों से सम्पादित पत्रिका संगम  सवेरा की समीक्षा करने की धृष्टता की क्षमा याचना करती हूं ।मुझ अकिंचन का सौभाग्य है कि आज उद्गम में मेरी कविता नहाई उसी का अवलोकन मेरी कलम को करने को मिला 👏👏✍✍✍🌹🌹।
तीन वर्षो मे संगम सवेरा लोक प्रिय और हृदय ग्राही बन गई इसके सम्पादक आदरणीय तेजराम नायक जी और विशिष्ट सहयोग डाॅ रिखब चंद राका जी का है ।
*22दिसंबर* को इंदौर मे संगम सवेरा के सदस्य राजेश कुमार शर्मा"पुरोहित जी विद्यावाचस्पति और तेज राम नायक जी विशेष सम्मान से सम्मानित हुए ।
संगम सवेरा इ पत्रिका में सुंदर अनुक्रमणिका , अध्यक्षीय , *सम्पादकीय*- में आदरणीय नवल किशोर सिंह जी ने बहुत ही मार्मिकता से लेखक को मंजने का निखरने का और उच्चकोटि का संघर्ष शील होकर तब लेखक का अस्तित्व प्राप्त करना बताया है। आदरणीय  तेजराम नायक जी द्वारा *अभिव्यक्ति* में जीवन के साहित्य की शानदार अभिव्यक्ति की गई है ।
बाबा कल्पनेश जी ने पाखंड कविता में पाखंड की धज्जी उड़ाई मेरे द्वारा लिखी कविता में आज समाज के चल चित्रों मे दिखाई जाने वाली अश्लीलता का विरोध कर प्रधान मंत्री को पत्र लिखा गया ।
*संजीव* शुक्ला रिक्त जी की बहुत ही मर्म और भाव भरी कविता --------🌷🌹 जब बैनन धार कैवार लगे तब नैनन धार बही कविता 🌷🌹वाह वाह बलिहारी जाऊं ।
आदरणीय चाचा नवल किशोर सिंह जी द्वारा रचित *द्रौपदी* में नारी की व्यथा और तब भी परिवार और समाज के हाथ की कठपुतली नारी का अपने मान सम्मान के लिए संघर्षपूर्ण जीवन जीती नारी का जीवन्त चित्रण और संवेदनात्मक भावों का वर्णन  किया गया है।
मै हिंदुस्तानी नारी हूं 🌹 की हुंकार ने कविता मे चार चाँद लगाए और पत्रिका में बालक शुभम बेहरा की 🌹बेटी बचाओ क्रांतिकारी  कविता बेहद प्रसंशनीय है और ऐसे ही अनेक कर्मठ जुझारू रचनाकारों ने पत्रिका को गौरवान्वित किया ।
मेरी कविता " एक पत्र और मै हिन्दुस्तानी नारी हूँ को स्थान देने के लिए कोटि - कोटि आभार व्यक्त करती हूं।
--अर्चना की रचना

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