साहित्य संगम संस्थान : संक्षिप्त परिचय

www.sangamsavera.in

*साहित्य संगम संस्थान : संक्षिप्त परिचय*
(इलेक्ट्रॉनिक हिंदी साहित्य का महाभियान)



संरक्षक- आचार्य डॉ भानु प्रताप वेदालंकार जी 
(संपादक, वैदिक राष्ट्र)


संरक्षिका- डॉ मीना भट्ट 
(अध्यक्षा लोकायुक्त  जबलपुर, पूर्व जिला न्यायाधीशा) 

अध्यक्ष- राज वीर सिंह (शिक्षक) 

उपाध्यक्ष- आ०प्रदीप कुमार पाण्डेय दीप जी (प्रबंधक)


महासचिव- कविराज तरुण 
(प्रबंधक यूको बैंक) 

संयुक्त सचिव- आ०प्रशांत करण जी 
(पूर्व आईपीएस अधिकारी) 

सहसचिव- आ०कैलाश मंडलोई जी (शिक्षक) 

कोषाध्यक्षा- आ०छाया सक्सेना प्रभु दी (कुशल गृहिणी जबलपुर) 

राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी- आ०राजेश पुरोहित जी (शिक्षक)

प्रवक्ता -डॉ भावना दीक्षित दी
(समाज सेविका) 

संरक्षिका अलंकरणशाला- डॉ कुमुद श्रीवास्तव कुमुदिनी दी
(कुशल गृहिणी लखनऊ)

दैनिक कार्यक्रम अधीक्षक- 
आ०कुमार रोहित जी (शिक्षक) 
आ०मृदुल तिवारी महक महक(शिक्षिका) 

साहित्य संगम संस्थान स्वयंसेवी साहित्यिक संगठन है ।  इसमें विविध पृष्ठभूमि के लोग माँ भारती की सेवा में अपने विविध कौशलों से इसे अक्षय ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं । इसकी स्थापना ५ जुलाई २०१६ को पश्चिम मध्य रेलवे के सतर्कता निरीक्षक डॉ अरुण श्रीवास्तव समर्थगुरु की सत्प्रेरणा से १४ मंथनरत्नों के द्वारा हुई थी । जो कि विविध क्षेत्रों में हिंदी साहित्य का विकास कर रहे हैं । संस्थान का प्रांतीय पंजीकरण इलाहाबाद उत्तर प्रदेश से २०१६ में कराया गया, राष्ट्रीय पंजीकरण सन २०१७ में ही दिल्ली से हो चुका है ।  संस्थान से सात ई पत्रिकाएँ सवेरा, आह्लाद, अविचल प्रभा, छंदेष्टि, 'गज़ल-गुञ्जन' प्रतिमाह योग संगम रविवारीय, समाचार संगम साप्ताहिक प्रकाशित होती हैं ।

संपादक संगम सवेरा(मासिक)-
आ०नवल किशोर सिंह जी-(पूर्व वायुसैनिक, संप्रति-अभियंता)

संपादक आह्लाद(मासिक) -
 आ०वंदना नामदेव दी (कुशल गृहिणी पूणे) 

संपादक छंदेष्टि (मासिक)- 
आ०टी आर०राज चौहान साहब (शिक्षक) 

संपादक अविचल प्रभा (मासिक)-
आ०छाया सक्सेना प्रभु दी 

संपादक गज़ल गुंजन (मासिक)- 
आ०प्रदीप कुमार पाण्डेय दीप जी

संपादक योग संगम रविवारीय- 
अनुज नवीन कुमार भट्ट नीर जी 

संपादक समाचार संगम(साप्ताहिक) - 
आ०विनय गौतम विनम्र
(इंजीनियर दुबई) 

संस्थान अब तक लगभग (साझा एकल) १०० पुस्तकें प्रकाशित कर चुका है ।  अब तक कई बड़े मंचीय महोत्सव दिल्ली, इंदौर, लखनऊ, तिनसुकिया और चक्रधरपुर में आयोजित हो चुके हैं । इसका अस्तित्व वेबसाइट, व्हाट्स ऐप, फेशबुक ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम सहित दिल्ली मुख्यालय और नौ राज्यों में है । संस्थान से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक लाख लोग जुड़े हैं । संस्थान ने इस लघु अंतराल में लगभग ९,००० सम्मानपत्र जारी किए हैं । संस्थान की गद्य-पद्य, छंद-गज़ल- व्याकरण-साहित्यालंकरण सिखाने की ऑनलाइन पाठशालाएँ चलती हैं ।

शाला अधीक्षकगण/पदाधिकारीगण-  
मुख्य मंच- डॉ मीना भट्ट दी 
सृजनाधीक्षक- डॉ छगनलाल गर्ग विज्ञ जी 
(पूर्व प्रधानाचार्य) 

छंदशाला अधीक्षक/समीक्षक-आ०बिजेंद्र सिंह सरल जी (प्रधानाचार्य) 

छंदशाला संचालक- आ०तेजराम नायक नेक जी (शिक्षक) 

छंदशाला परीक्षक- आ०चंद्रपाल सिंह चंद्र जी (पूर्व इंजीनियर) 

योगशाला-आ०इंदु शर्मा शचि दी (प्रवेश अधीक्षिका) 
योग गुरु- योगमणि जूली अग्रवाल दी

अधीक्षिका व्याकरणशाला- आ०लता खरे दी(पूर्व पदाधिकारी वन विभाग)

अधीक्षक दोहाशाला- पंडित रामजस त्रिपाठी (सेना पुरोहित) 

संरक्षक दोहाशाला- संतकवि बाबा कल्पनेश जी

अनुशासन प्रमुख दोहाशाला- आ०आलोक मिश्र मुकुंद जी (उ०प्र०पुलिस) 

अलंकरण प्रमुख दोहाशाला- आ०प्रेम सिंह राजावत प्रेम जी (चिकित्सा सहयोगी आगरा) 

श्रुतिलेख एवं दैनिक कार्यक्रम प्रसारणकर्तृ- डॉ महालक्ष्मी सक्सेना मेधा दी  

बोली विकास मंच अधीक्षिका- आ०अलका जैन दी(कुशल गृहिणी मुंबई) 

गीतशाला अधीक्षिका- आ०सरोज सिंह ठाकुर दीदी (कवयित्री छत्तीसगढ़) 

अधीक्षिका अलंकरणशाला-
आ०गीता गुप्ता मन दी (शिक्षिका) 

अधीक्षिका साहित्यालंकरण प्रशिक्षण केंद्र- अनुजा कल्पना कुशवाहा 

संगम सुवास नारी मंच- आ०अर्चना राय दी
(कुशल गृहिणी भेड़ाघाट) 

अधीक्षिका पंचपरमेश्वर- आ०अर्चना पाण्डेय जी (शिक्षिका) 

अधीक्षक गज़लशाला- आ०भूपधर द्विवेदी अलबेला जी 

संस्थान का अपना ऐप है जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सदुपयोग जा सकता है । यह ऐप संस्थान के उपाध्यक्ष आ०प्रदीप कुमार पाण्डेय दीप जी ने अपने तकनीकि ज्ञान से बनाया है । इसकी पूरी की पूरी विधि व्यवस्था लोकतांत्रिक मानकों पर आधारित है । अर्थात् जो जितना योगदान देगा वह उतना ही बड़ा पदाधिकारी बन सकता है, असहयोग और असक्रियता की स्थिति में सक्रिय सदस्यों को अवसर दिया जाता है । संस्थान की साझा पुस्तक छंदकलश का विमोचन माननीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के करकमलों संसद भवन में हुआ । मुख्यमंत्री माननीय आदित्यनाथ योगी जी ने संस्थान के कार्यों से प्रभावित होकर महासचिव महोदय से साहित्यिक परचर्चा की थी । संस्थान को वरिष्ठ साहित्यकार डॉ श्रीनिवास शुक्ल सरस का आशीर्वाद प्राप्त है । पूर्व जिला न्यायाधीशा डॉ मीना भट्ट जी अध्यक्षा लोकायुक्त जबलपुर म०प्र० संस्थान की विधिक सलाहकारा भी हैं । देश के प्रतिष्ठित व्यवसायी, आर्य सिद्धान्तों के सुपोषक, कवि सभा- राष्ट्रीय संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष आ०रामावतार बिंजराजका निश्छल जी का संस्थान को विशेष आशीष और आश्रय प्राप्त है । संस्थान के संरक्षक आचार्य भानुप्रताप वेदालंकार अध्यक्ष आर्य युवक परिषद् म०प्र० के आशीर्वाद से प्रकाशन का संपूर्ण कार्य संपादित होता है । प्रकाशन विभाग भी पंजीकृत है । संस्थान के कवि और कवयित्रियाँ लखनऊ दूरदर्शन सहित ऑल इंडिया रेडियो में काव्य प्रस्तुति दे चुके हैं । इसके प्रमुख पदाधिकारियों में  आ०आशीष पाण्डेय जिद्दी संस्थापक, आ०राजलक्ष्मी शिवहरे दी आधुनिक उपन्यास सम्राज्ञी, आ०अरुण सिंह प्रसार सचिव, आ०सूर्यदीप कुशवाहा, अनुज रवि शंकर विद्यार्थी, आ०शर्मा दीप्ति, डॉ भारती वर्मा बौड़ाई  दी, मनोज कुमार सामरिया मनु  जी समीक्षा उन्नायक साहित्यसेवी साहित्यकार विविध विभागों-अनुभागों की देखरेख करते हैं । संस्थान में विदेश से भी साहित्यकार और कवि सृजन करते हैं । विशेषतः यह है कि ये समस्त पदाधिकारी और साहित्यकार नौकरीपेशा हैं । इस प्रकार जो राष्ट्रवादी हिंदी भक्त साहित्येष्टि के इस यज्ञ में निस्वार्थ भाव से अपने योगदान की आहुति प्रदान करना  चाहता है उसका संस्थान स्वागत करता है ।

साहित्य संगम संस्थान की भारत वर्ष के नौ प्रदेशों में प्रांतीय शाखाएँ स्थापित हो चुकी हैं ।

असम -कार्यकारिणी का गठन और मासिक गोष्ठियाँ आरंभ हो चुकी हैं । संयोजिका आ०सुचि संदीप दी

झारखंड - कार्यकारिणी का गठन और भव्य काव्य सम्मेलन आयोजित हो चुका है । १९ अगस्त २०१८ को स्थापना दिवस पर संगम सक्रिय पदाधिकारियों/सदस्यों को सम्मानित किया गया  । ९ दिसंबर को नवसृजन साहित्य संगम समागम दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित हुआ । जिसमें देश के लगभग १० प्रांतों से कवि और साहित्यकार सम्मानित हुए और डॉ अनामिका अंबर के साथ काव्यपाठ भी किया ।

उत्तर प्रदेश - कार्यकारिणी का गठन हो चुका है । लखनऊ समागम-भव्य काव्य सम्मेलन सहित विशाल गोष्ठी का आयोजन हो चुका है । जिसमें सांसद माननीय कौशल किशोर जी सहित राज्य मंत्री श्रीमती स्वाति सिंह ने शिरकत की थी ।

म०प्र०- काव्यगोष्ठी का आयोजन हो चुका है । साहित्य संघ का भव्य काव्य सम्मेलन आयोजित हो चुका है । संयोजिका आ०छाया सक्सेना प्रभु दी ।

छत्तीसगढ़ - आ०सरोज सिंह ठाकुर अध्यक्षा

राजस्थान - मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन हो चुका है । संयोजिका - आ०सुनीता विश्नोलिया दी

गुजरात -

हरियाणा -

महाराष्ट्र -

साहित्यक्रांति के महाभियान में संस्थान के युवा अध्यक्ष का देश के प्रत्येक युवा-युवतियों और साहित्यकार/कवयित्रियों का आह्वान है -

विधा  नहीं   विकास  चाहिए, 
सबका  ही  विश्वास   चाहिए ।
'अयं निजः' का भाव नही है, 
संधि  नहीं    समास   चाहिए ।।


सबका प्रयास
सबका विश्वास
सबका विकास


***********

 -राज वीर सिंह
अध्य्क्ष, साहित्य संगम संस्थान

13 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत खूब बेहतरीन,इसमें कुछ नए अपडेट्स भी जुड़ने चाहिए

    जवाब देंहटाएं
  2. बेहतरीन... अप्रतिम.. नवल जी आप के परिश्रम और साहित्य के प्रति साधना को नमन...
    शानदार 💐💐🙏🙏

    जवाब देंहटाएं
  3. वन्दना नामदेव31 जुलाई 2020 को 11:29 pm

    बहुत खूब बहुत बधाई

    जवाब देंहटाएं
  4. बहुत बहुत बधाई l मैं भी अपनी रचनाएं प्रकाशित करना करवाना चाहती हूं क्या प्रोसेस है प्लीज बताइए

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत बहुत बधाई l मैं भी अपनी रचनाएं प्रकाशित करना करवाना चाहती हूं क्या प्रोसेस है प्लीज बताइए

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. समस्त सूचना पोर्टल पर उपलब्ध है। कृपया top menu को देखें।

      हटाएं
  6. संगम सवेरा मासिक ई पत्रिका का में बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। आपने इस संस्था में मुझे स्थान दिया उसके लिए मैं तहे दिल से शुक्रगुजार हूं। विशेषकर संगम सवेरा मासिक ई पत्रिका का विमोचन करने के लिए आपने मुझे जो आतिथ्य दिया मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। मैं मंच का बहुत-बहुत आभारी हूं। सभी सदस्यों का, अध्यक्ष महोदय जी, संचालक महोदय जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जी, मंच से जुड़े सभी श्रेष्ठ सम्मान योग्य एवं विद्वत जनों का मैं अभिनंदन करता हूं, कि आप सभी ने दिनांक 5 नवंबर 2020 को पुस्तक विमोचन के लिए मुझे इतना सम्मान दिया मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है। जीवन के कुछ पल जो अविस्मरणीय होते हैं। उनमें यह पल भी मेरे लिए सम्मिलित होगा।

    जवाब देंहटाएं

©संगम सवेरा पत्रिका. Blogger द्वारा संचालित.